सुप्रीम कोर्ट सोमवार को उन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करने जा रही है जिनमें असम के मुख्यमंत्री सहित कई उच्च पदों पर बैठे नेताओं पर नफरती भाषण देने का आरोप लगाया गया है. याचिकाओं में कहा गया है कि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की और अदालत की निगरानी में जांच की जरूरत है.
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