महाराष्ट्र की भूमि महान संतों की परंपरा के लिए जानी जाती है, लेकिन इनमें डेबूजी झिंगराजी जानोरकर का स्थान बेहद विशिष्ट है। उन्हें दुनिया संत गाडगे बाबा के नाम से जानती है। आज उनकी 150वीं जयंती के अवसर पर पूरा देश उनके द्वारा दी गई शिक्षाओं को याद कर रहा है। गाडगे बाबा केवल एक संत नहीं थे, बल्कि वे एक दूरदर्शी समाज सुधारक और अद्वितीय कीर्तनकार थे, जिन्होंने कीर्तन के पारंपरिक माध्यम को समाज में बदलाव का सबसे सशक्त हथियार बनाया।
गाडगे बाबा केवल एक संत नहीं थे, बल्कि वे एक दूरदर्शी समाज सुधारक और अद्वितीय कीर्तनकार थे
Nirnayak Wachan
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